गहोई दिवस 2026: रविवार, 18 जनवरी को मनेगा गहोई वैश्य समाज का गौरवशाली पर्व!
गहोई दिवस 2026: रविवार, 18 जनवरी को मनेगा गहोई वैश्य समाज का गौरवशाली पर्व! गहोई समाज के लिए साल का सबसे महत्वपूर्ण दिन आ गया है। इस वर्ष गहोई दिवस , मकर संक्रांति के ठीक बाद रविवार, 18 जनवरी 2026 को पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। बुंदेलखंड की माटी से उपजा यह समाज अपनी व्यापारिक सूझबूझ, ईमानदारी और सांस्कृतिक जड़ों के लिए जाना जाता है। गहोई दिवस कब और क्यों मनाया जाता है? गहोई दिवस प्रतिवर्ष मकर संक्रांति (14 जनवरी) के बाद आने वाले पहले रविवार को मनाया जाता है। क्योंकि 2026 में मकर संक्रांति बुधवार को है, इसलिए आगामी रविवार यानी 18 जनवरी को मुख्य उत्सव आयोजित किया जा रहा है। यह दिन गहोई वैश्य समाज के संगठन, शक्ति और अपनी समृद्ध विरासत को याद करने का प्रतीक है। सूर्यवंशी होने के नाते, गहोई समाज के लोग इस दिन भगवान भास्कर (सूर्य देव) की विशेष आराधना करते हैं। गहोई समाज का गौरवशाली इतिहास गहोई समाज का इतिहास वीरता और सेवा से भरा है: सूर्यवंश का संबंध: गहोई समाज स्वयं को सूर्यवंशी मानता है। समाज के ध्वज पर सूर्य का चित्र अंकित होता है, जो ऊर्जा और प्रकाश का प्रतीक है।...