भाई दूज 2025: दीपावली के बाद भाई-बहन के अटूट प्रेम का पावन पर्व!
भाई दूज 2025: महत्व, कथा, पूजन विधि और भाई-बहन के अटूट बंधन का पर्व: भाई दूज , जिसे भैया दूज, भाऊ बीज, भाई टीका या यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म का एक अत्यंत प्रिय और महत्वपूर्ण त्योहार है। यह पर्व भाई और बहन के पवित्र और शाश्वत प्रेम को बड़ी खूबसूरती से दर्शाता है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को पड़ने वाला यह शुभ अवसर, पंच दिवसीय दीपावली पर्व का भव्य समापन करता है। यह लेख आपको भाई दूज के समृद्ध इतिहास, इसके आध्यात्मिक महत्व, पारंपरिक उत्सव के तरीकों और इससे जुड़े लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करेगा। भाई दूज 2025: तिथि और शुभ मुहूर्त भाई दूज का दिन भाइयों की लंबी आयु और समृद्धि तथा बहनों के कल्याण के लिए प्रार्थना करने का दिन है। हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार भाई दूज के त्योहार की मुख्य रस्में अपराह्ण के समय होती हैं, जिसका मतलब है भाई दूज के दिन दोपहर का समय, जिसे तिलक लगाने की रस्म के लिए सबसे शुभ समय माना जाता है। भाई दूज अपराहन का समय - 12:40 PM से 2:59 PM तिलक मुहूर्त - 1:13 PM से 3:28 PM भाई दूज 2025: समय भाई दूज पर याद रखने के लिए कु...