नवरात्रि विशेष 2025: 'अंबे तू है जगदम्बे काली' का महत्त्व एवं लिरिक्स हिंदी और इंग्लिश में!

नवरात्रि विशेष 2025: 'अंबे तू है जगदम्बे काली' का महत्त्व एवं लिरिक्स हिंदी और इंग्लिश में!

नवरात्रि विशेष 2025: 'अंबे तू है जगदम्बे काली' का महत्त्व एवं लिरिक्स हिंदी और इंग्लिश में!

नवरात्रि, देवी दुर्गा की आराधना का महापर्व, शक्ति और भक्ति का प्रतीक है। नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में, भक्त देवी के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। पूजा और मंत्र जाप के बाद आरती का विशेष महत्व होता है। 'अंबे तू है जगदम्बे काली' एक ऐसी ही शक्तिशाली आरती है, जिसे नवरात्रि के नौ दिन पढ़ने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।


नवरात्रि में माँ काली आरती का महत्व

माँ काली, देवी दुर्गा का एक उग्र और शक्तिशाली स्वरूप हैं, जिन्हें बुराई और नकारात्मकता का नाश करने वाला माना जाता है। वह भक्तों को भय से मुक्ति दिलाती हैं और उन्हें साहस और शक्ति प्रदान करती हैं। नवरात्रि में माँ दुर्गा के सातवें स्वरूप, माँ कालरात्रि के रूप में इनकी पूजा की जाती है। इस दिन माँ काली की आरती का पाठ करने से जीवन के सभी संकटों का नाश होता है।


अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती

तेरे भक्तजनों पर मैया भीड़ पड़ी है भारी दानव दल पर टूट पड़ो माँ करके सिंह सवारी सौ-सौ सिंहों से है बलशाली, है अष्ट भुजाओं वाली दुष्टों को तू ही ललकारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती

माँ-बेटे का है इस जग में बड़ा ही निर्मल नाता पूत कपूत सुने हैं पर ना, माता सुनी कुमाता सब पे करुणा दर्शाने वाली, अमृत बरसाने वाली दुखियों के दुखड़े निवारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती

नहीं मांगते धन और दौलत, ना चाँदी ना सोना हम तो मांगें माँ तेरे मन में, एक छोटा सा कोना सबकी बिगड़ी बनाने वाली, लाज बचाने वाली सतियों के सत को संवारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती

अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती


नवरात्रि के नौ दिनों में क्यों पढ़ें यह आरती?

जहाँ एक ओर नवरात्रि में देवी के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा होती है, वहीं माँ काली की शक्ति इन सभी रूपों में समाहित है। यह आरती सिर्फ माँ काली की आराधना नहीं है, बल्कि यह देवी दुर्गा की समग्र शक्ति को समर्पित है। हर दिन इस आरती को पढ़ने से भक्त अपने भीतर की सभी कमजोरियों को दूर कर सकता है और जीवन की हर बाधा का सामना करने के लिए तैयार हो सकता है।

यह आरती हमें यह सिखाती है कि शक्ति और करुणा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। इसलिए नवरात्रि 2025 के दौरान हर दिन, इस आरती को पढ़कर आप देवी की संपूर्ण कृपा प्राप्त कर सकते हैं। यह आरती न केवल पूजा को पूर्ण करती है, बल्कि यह भक्तों के हृदय को शुद्ध कर उनमें एक नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार भी करती है।

जय माता दी!



अम्बे तू है जगदम्बे काली आरती ल‍िर‍िक्‍स ह‍िंदी में:


अम्बे तू है जगदम्बे काली,

जय दुर्गे खप्पर वाली,

तेरे ही गुण गावें भारती,

ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।


अम्बे तू है जगदम्बे काली,

जय दुर्गे खप्पर वाली,

तेरे ही गुण गावें भारती,

ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।


तेरे भक्त जनो पर माता भीड़ पड़ी है भारी।

दानव दल पर टूट पडो माँ करके सिंह सवारी॥

तेरे भक्त जनो पर माता भीड़ पड़ी है भारी।

दानव दल पर टूट पडो माँ करके सिंह सवारी॥

सौ-सौ सिहों से बलशाली, है अष्ट भुजाओं वाली,

दुष्टों को तू ही ललकारती।

ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥


अम्बे तू है जगदम्बे काली,

जय दुर्गे खप्पर वाली,

तेरे ही गुण गावें भारती,

ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।


माँ-बेटे का है इस जग मे बडा ही निर्मल नाता।

पूत-कपूत सुने है पर ना माता सुनी कुमाता॥

माँ-बेटे का है इस जग मे बडा ही निर्मल नाता।

पूत-कपूत सुने है पर ना माता सुनी कुमाता॥

सब पे करूणा दर्शाने वाली, अमृत बरसाने वाली,

दुखियों के दुखडे निवारती।

ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥


अम्बे तू है जगदम्बे काली,

जय दुर्गे खप्पर वाली,

तेरे ही गुण गावें भारती,

ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।


नहीं मांगते धन और दौलत, न चांदी न सोना।

हम तो मांगें तेरे मन में छोटा सा कोना॥

नहीं मांगते धन और दौलत, न चांदी न सोना।

हम तो मांगें तेरे मन में छोटा सा कोना॥

सबकी बिगड़ी बनाने वाली, लाज बचाने वाली,

सतियों के सत को सवांरती।

ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥


अम्बे तू है जगदम्बे काली,

जय दुर्गे खप्पर वाली,

तेरे ही गुण गावें भारती,

ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।


चरण शरण में खड़े तुम्हारी, ले पूजा की थाली।

वरद हस्त सर पर रख दो माँ संकट हरने वाली॥

चरण शरण में खड़े तुम्हारी, ले पूजा की थाली।

वरद हस्त सर पर रख दो माँ संकट हरने वाली॥

माँ भर दो भक्ति रस प्याली, अष्ट भुजाओं वाली,

भक्तों के कारज तू ही सारती।। ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।


अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली,

तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।



Ambe Tu Hai Jagdambe Kali Lyrics In English:


Ambe Tu Hai Jagdambe Kali

Jai Durge Khappar Wali

Tere Hi Gun Gaaye Bharati

O Maiya, Hum Sab Utarey Teri Aarti


Tere Jagat Ke Bhakt Janan Par Bhid Padi Hai Bhari Maa

Daanav Dal Par Toot Pado Maa Karke Singh Sawari

So So Singho Se Tu Bal Shali

Asth Bhujao Wali, Dushton Ko Pal Mein Sangharti

O Maiya, Hum Sab Utarey Teri Aarti


Ambe Tu Hai Jagdambe Kali

Jai Durge Khappar Wali

Tere Hi Gun Gaaye Bharati

O Maiya, Hum Sab Utarey Teri Aarti


Maa Bete Ka Hai Ish Jag Mein Bada Hi Nirmal Nata

Poot Kaput Sune Hai Par Na Mata Suni Kumata

Sab Par Karuna Darshaney Wali, Amrut Barsaney Wali

Dukhiyon Ke Dukhdae Nivarti

O Maiya, Hum Sab Utarey Teri Aarti


Ambe Tu Hai Jagdambe Kali

Jai Durge Khappar Wali

Tere Hi Gun Gaaye Bharati

O Maiya, Hum Sab Utarey Teri Aarti


Nahi Maangtey Dhan Aur Daulat Na Chaandi Na Sona Maa

Hum To Maangey Maa Tere Man Mein Ek Chota Sa Kona

Sab Ki Bigdi Banane Wali, Laaj Bachane Wali

Satiyo Ke Sat Ko Sanvarti

O Maiya, Hum Sab Utarey Teri Aarti


Ambe Tu Hai Jagdambe Kali

Jai Durge Khappar Wali

Tere Hi Gun Gaaye Bharati

O Maiya, Hum Sab Utarey Teri Aarti



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