चैत्र नवरात्रि 2026 नौवां दिन: माँ सिद्धिदात्री (रामनवमी) पूजा और महत्व!
चैत्र नवरात्रि का भव्य समापन माँ सिद्धिदात्री को समर्पित है, जो देवी दुर्गा का नौवां रूप हैं। उनका नाम सिद्धि (अलौकिक शक्तियां/पूर्णता) और दात्री (देने वाली) से बना है। वे सभी रहस्यमयी शक्तियों की परम स्रोत हैं और सभी दिव्य और सांसारिक इच्छाओं को पूरा करने वाली हैं। वर्ष 2026 में, नौवां दिन शुक्रवार, 27 मार्च 2026 को पड़ता है, जो भगवान राम के जन्म के साथ मेल खाता है, जिसे रामनवमी के रूप में मनाया जाता है। माँ सिद्धिदात्री की पौराणिक कथा पुराणों के अनुसार, भगवान शिव ने सभी सिद्धियां प्राप्त करने के लिए माँ सिद्धिदात्री की पूजा की थी। उनकी कृपा से, भगवान शिव का आधा शरीर देवी का हो गया, जिससे उनका अर्धनारीश्वर के रूप में प्राकट्य हुआ। उन्हें कमल पर बैठे हुए (कभी-कभी सिंह की सवारी करते हुए) चित्रित किया गया है, जिनके चार हाथ हैं। वे गदा, चक्र, शंख और कमल धारण करती हैं। पूर्णता प्राप्त करने के लिए न केवल मनुष्यों द्वारा, बल्कि देवों, गंधर्वों, असुरों और यक्षों द्वारा भी उनकी पूजा की जाती है। नवमी का महत्व पूर्णता की प्राप्ति: उनकी पूजा आठ प्राथमिक सिद्धियां (अणिमा, महिमा, गरिमा, ल...