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IND vs NZ 2026: भारत-न्यूजीलैंड के बीच 12 मैचों का महासंग्राम! जानें पूरा शेड्यूल, टाइमिंग और Live Streaming की जानकारी!

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India vs New Zealand Schedule 2026 : भारतीय क्रिकेट टीम के न्यूजीलैंड दौरे को लेकर क्रिकेट फैंस की नजरें आगामी मुकाबलों पर टिकी हैं। इस दौरे में दोनों टीमें तीनों फॉर्मेट में कुल 12 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेंगी, जिनमें पांच टी20 इंटरनेशनल, पांच वनडे और दो टेस्ट मैच शामिल हैं। उपलब्ध शेड्यूल के अनुसार, सीरीज 22 अक्टूबर से 1 दिसंबर 2026 तक चलेगी। इस दौरे में टी20 मुकाबलों का रोमांच, वनडे क्रिकेट में विश्व कप की तैयारी और टेस्ट क्रिकेट में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के अंक दांव पर होंगे। यहां जानिए India vs New Zealand 2026 का पूरा शेड्यूल, मैचों की तारीखें, भारतीय समयानुसार टाइमिंग, वेन्यू और लाइव स्ट्रीमिंग से जुड़ी जानकारी। India vs New Zealand 2026: सीरीज का पूरा विवरण सीरीज: भारत का न्यूजीलैंड दौरा 2026 शुरुआत: 22 अक्टूबर 2026 समापन: 1 दिसंबर 2026 कुल मुकाबले: 12 T20I मैच: 5 ODI मैच: 5 टेस्ट मैच: 2India vs New Zealand Full Series Schedule 2026: भारत-न्यूजीलैंड सीरीज का पूरा शेड्यूल, मैच की तारीखें, टाइमिंग और Live Streaming India vs New Zealand T20I Schedule 2026 भारत और न्यूजीलैंड...

सर्वपितृ अमावस्या 2026: काले तिल समेत इन चीजों का करें दान, पितरों की कृपा पाने के लिए जानें धार्मिक महत्व!

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सर्वपितृ अमावस्या 2026 कब है? हिंदू धर्म में सर्वपितृ अमावस्या का विशेष महत्व माना जाता है। यह पितृ पक्ष का अंतिम दिन होता है और इस अवसर पर पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान और दान-पुण्य किए जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिन लोगों को अपने पूर्वजों की मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं होती या किसी कारणवश निर्धारित तिथि पर श्राद्ध नहीं कर पाते, वे इस दिन अपने पितरों के निमित्त श्राद्ध कर सकते हैं।  वर्ष 2026 में सर्वपितृ अमावस्या 10 अक्टूबर, शनिवार को मनाई जाएगी। अमावस्या तिथि 9 अक्टूबर की रात लगभग 9:35 बजे शुरू होकर 10 अक्टूबर की रात लगभग 9:19 बजे तक रहेगी। स्थानीय पंचांग के अनुसार समय में थोड़ा अंतर संभव है।  इस दिन दान-पुण्य करने की परंपरा है। ज्योतिषाचार्य पिनाकी मिश्रा के अनुसार, काले तिल, अन्न, जलपात्र, शुद्ध घी, वस्त्र, फल और जरूरतमंदों के उपयोग की वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है।  सर्वपितृ अमावस्या पर इन चीजों का करें दान 1. काले तिल का दान सर्वपितृ अमावस्या पर काले तिल का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। श्राद्ध और तर्पण के दौरान जल में...

Alvida Nana Patekar: 'क्रांतिवीर' से 'नटसम्राट' तक का सफर खत्म, पीएम मोदी और रजनीकांत ने दी भावभिनी श्रद्धांजलि!

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भारतीय सिनेमा जगत के दिग्गज और बहुमुखी अभिनेता नाना पाटेकर ( Nana Patekar ) का 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उनके निधन की खबर से पूरे देश और फिल्म उद्योग में शोक की लहर दौड़ गई है। हिंदी और मराठी सिनेमा में अपने अद्वितीय अभिनय, बेबाक अंदाज और दमदार संवाद अदायगी (Dialogue Delivery) से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले नाना पाटेकर के जाने से सिनेमाई दुनिया को एक कभी न पूरी होने वाली क्षति हुई है। PM Modi Hails Veteran Star's Contribution: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया गहरा शोक नाना पाटेकर के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए उनके योगदान को याद किया। पीएम मोदी ने कहा कि नाना पाटेकर का निधन भारतीय सिनेमा जगत के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है। "नाना पाटेकर एक अद्भुत अभिनेता थे, जिन्होंने हिंदी और मराठी दोनों सिनेमा में अपनी अमिट छाप छोड़ी। थिएटर से लेकर बड़े पर्दे तक उनका सफर प्रेरणादायक रहा। 'परिंदा', 'क्रांतिवीर' और 'नटसम्राट' जैसी फिल्मों में उनका प्रदर्शन पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा।" — प्रधानमंत्री...

श्री विष्णु स्तुति पाठ: संपूर्ण श्लोक, अर्थ और नित्य पाठ के चमत्कारी लाभ!

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  श्री विष्णु स्तुति: श्लोक, हिंदी अर्थ और धार्मिक महत्व श्री विष्णु स्तुति ( Shree Vishnu Stuti ) भगवान विष्णु की आराधना का एक परम कल्याणकारी और प्रभावशाली मंत्र-समूह है । इसका नित्य पाठ करने से जीवन के सभी कष्टों, बाधाओं और पापों का नाश होता है तथा सुख-समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है । श्री विष्णु स्तुति (संस्कृत श्लोक) श्री विष्णु स्तुति शुक्लाम्बरधरं विष्णुं शशिवर्णं चतुर्भुजम्। प्रसन्नवदनं ध्यायेत् सर्वविघ्नोपशान्तये॥ शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं, विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्। लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम्, वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥ औषधे चिंतये विष्णुम भोजने च जनार्दनम, शयने पद्मनाभं च विवाहे च प्रजापतिम, युद्धे चक्रधरम देवं प्रवासे च त्रिविक्रमं, नारायणं तनु त्यागे श्रीधरं प्रिय संगमे, दुःस्वप्ने स्मर गोविन्दम संकटे मधुसूधनम, कानने नारसिंहम च पावके जलाशयिनाम्, जलमध्ये वराहम च पर्वते रघु नन्दनं, गमने वामनं चैव सर्व कार्येशु माधवं। षोडशैतानी नामानी प्रातरुत्थाय यह पठेत, सर्वपापा विनिर्मुक्तो विष्णुलोके महीयते॥ श्र...