चैत्र नवरात्रि 2026 आठवां दिन: माँ महागौरी (महाअष्टमी) पूजा, महत्व और कथा!
चैत्र नवरात्रि 2026 का आठवां दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसे महाअष्टमी (या दुर्गा अष्टमी) के रूप में मनाया जाता है। यह दिन देवी दुर्गा के सबसे शांत, पवित्र और अत्यंत सुंदर स्वरूप माँ महागौरी को समर्पित है। उनका नाम 'महा' (महान) और 'गौरी' (श्वेत/गोरा) से मिलकर बना है, जो उनकी अलौकिक आभा और निर्मलता का प्रतीक है। वर्ष 2026 में, महाअष्टमी गुरुवार, 26 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। माँ महागौरी की पौराणिक कथा पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए देवी पार्वती ने वनों में वर्षों तक कठिन तपस्या की। इस घोर तप के कारण उनका शरीर काला पड़ गया और धूल-मिट्टी से ढक गया। जब भगवान शिव ने उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर उन्हें स्वीकार किया, तब उन्होंने अपने हाथों से देवी को पवित्र गंगाजल से नहलाया। गंगा के पवित्र जल से स्नान करते ही देवी का शरीर फिर से श्वेत कमल की तरह दमकने लगा। इस प्रकार, उन्हें महागौरी के नाम से जाना गया। वे चार भुजाओं वाली हैं और श्वेत वृषभ (बैल) पर सवार हैं। उनके एक हाथ में त्रिशूल और दूसरे में डमरू है, जबकि बाकी दो हाथ अभय (संरक्षण) और वरद ...