मानसून पर ब्रेक, गर्मी का अटैक: अरब सागर के सिस्टम ने रोकी मानसून की रफ्तार; 10 राज्यों में 7 दिन का 'रेड अलर्ट'!
दोहरी मार: अरब सागर में बना मानसून को कमजोर करने वाला सिस्टम; उत्तर-मध्य भारत में अगले 7 दिन चलेगी भीषण लू!
Weather Updates India: भारत में एक तरफ जहां लोग भीषण गर्मी से परेशान हैं और मानसून का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं, वहीं मौसम विभाग (IMD) से एक चिंताजनक खबर सामने आ रही है। अरब सागर (Arabian Sea) में एक ऐसा वेदर सिस्टम सक्रिय हो रहा है, जो दक्षिण भारत में मानसून की रफ्तार को धीमा कर सकता है। इसके परिणामस्वरूप केरल और दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों में शुरुआती बारिश कम होने की आशंका है।
दूसरी ओर, उत्तर और मध्य भारत के राज्यों में सूरज का सितम जारी रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 7 दिनों तक देश के 10 राज्यों में तीव्र लू (Heatwave) और गर्म हवाएं चलने का अनुमान है।
मुख्य बिंदु (Key Highlights)
मानसून पर संकट: अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने से मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ सकती हैं।
दक्षिण भारत में सूखी शुरुआत: केरल और आसपास के प्रायद्वीपीय भारत में सामान्य से कम बारिश का अनुमान।
उत्तर-मध्य भारत में 'रेड अलर्ट': देश के 10 राज्यों में अगले 7 दिनों तक भयंकर लू (Heatwave) का प्रकोप रहेगा।
रिकॉर्ड तोड़ तापमान: कई शहरों में पारा 45°C से 48°C के बीच रिकॉर्ड किया जा रहा है।
अरब सागर में क्या बना है सिस्टम और यह मानसून को कैसे करेगा कमजोर?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और स्काईमेट (Skymet) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्वी अरब सागर के कुछ हिस्सों में दस्तक दे दी है। लेकिन इसी बीच अरब सागर में एक नया कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) विकसित हो रहा है, जिसके डिप्रेशन (Depression) में बदलने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों का गणित: जब भी मानसून के आगमन के ठीक पहले अरब सागर या बंगाल की खाड़ी में कोई मजबूत वेदर सिस्टम या चक्रवात बनता है, तो वह आसपास की सारी मानसूनी नमी और हवाओं को अपनी तरफ खींच लेता है। इस वजह से मुख्य भूमि (Mainland India) की तरफ बढ़ने वाली मानसूनी हवाएं कमजोर हो जाती हैं।
इस सिस्टम के कारण केरल और दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में मानसून की शुरुआत में उतनी भारी बारिश देखने को नहीं मिलेगी जितनी आमतौर पर मिलती है। इसके साथ ही, मानसून के आगे बढ़ने की गति भी कुछ दिनों के लिए धीमी हो सकती है।
अगले 7 दिन: इन 10 राज्यों में चलेगी भयंकर लू (Heatwave)
जहां दक्षिण भारत मानसून के कमजोर होने से चिंतित है, वहीं उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत भीषण गर्मी की चपेट में हैं। अगले एक हफ्ते तक इन 10 राज्यों के लोगों को घर से बाहर निकलते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है:
| राज्य का नाम | मौसम की स्थिति / अलर्ट का स्तर | संभावित अधिकतम तापमान |
| राजस्थान | भीषण लू का रेड अलर्ट (विशेषकर पश्चिमी राजस्थान) | 46°C – 48°C |
| मध्य प्रदेश | 11 जिलों में रेड, 14 में ऑरेंज अलर्ट; तेज गर्म हवाएं | 44°C – 47°C |
| उत्तर प्रदेश | शुष्क मौसम और रातें भी बेहद गर्म रहने का अनुमान | 45°C – 47°C |
| दिल्ली-NCR | लगातार हीटवेव और झुलसाने वाली धूप | 44°C – 46°C |
| पंजाब | लू का प्रकोप और शुष्क धूलभरी हवाएं | 43°C – 45°C |
| हरियाणा | भीषण गर्मी और हीटवेव की स्थिति | 44°C – 46°C |
| चंडीगढ़ | तीव्र लू (Heatwave Conditions) | 43°C – 45°C |
| छत्तीसगढ़ | मैदानी इलाकों में गर्म हवाओं का थपेड़ा | 42°C – 44°C |
| गुजरात | अंदरूनी हिस्सों में तापमान में बढ़ोतरी | 42°C – 45°C |
| बिहार-झारखंड | कुछ इलाकों में लू और उमस भरी गर्मी | 41°C – 44°C |
शहरों में बढ़ रहा है 'फील टेंपरेचर' (Feel Temperature)
क्लाइमेट एक्सपर्ट्स का कहना है कि तेजी से होते शहरीकरण (Urbanization) और कंक्रीट के जंगलों के कारण मौसम विभाग द्वारा बताए गए तापमान से 3°C से 4°C ज्यादा गर्मी लोगों को महसूस हो रही है। इसे 'फील लाइक' या 'रियल फील' टेंपरेचर कहा जाता है। उदाहरण के लिए, यदि तापमान 45°C है, तो उमस और कंक्रीट के रिफ्लेक्शन के कारण यह शरीर को 49°C जैसा महसूस करा रहा है।
क्या इस साल अल-नीनो (El-Nino) भी डालेगा असर?
मौसम के इस बदले मिजाज के पीछे वैश्विक कारणों को भी जिम्मेदार माना जा रहा है। प्रशांत महासागर में अल-नीनो (El-Nino) के सक्रिय होने की नई रिपोर्टों ने चिंता बढ़ा दी है। अल-नीनो एक ऐसी प्राकृतिक घटना है जिसमें प्रशांत महासागर का पानी सामान्य से अधिक गर्म हो जाता है, जिससे दुनिया भर के वायुमंडल और हवा के पैटर्न बदल जाते हैं। भारत में अल-नीनो का सीधा संबंध कमजोर मानसून और सूखे जैसे हालातों से रहा है। यदि यह स्थिति मजबूत होती है, तो खरीफ की फसलों पर इसका बुरा असर पड़ सकता है।
हीटवेव से बचने के लिए IMD की गाइडलाइन (Health Advisory)
इस जानलेवा गर्मी को देखते हुए मौसम विभाग और डॉक्टरों ने नागरिकों के लिए कुछ जरूरी सलाह जारी की है:
हाइड्रेटेड रहें: प्यास न लगने पर भी लगातार पानी, ओआरएस (ORS), नींबू पानी, छाछ या लस्सी पीते रहें।
दोपहर में बाहर जाने से बचें: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच, जब धूप सबसे तीखी होती है, अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें।
सूती कपड़े पहनें: हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें ताकि शरीर का तापमान नियंत्रित रहे।
सिर को ढक कर रखें: बाहर जाते समय छाते, टोपी या तौलिए से सिर और चेहरे को जरूर ढकें।
निष्कर्ष (Conclusion)
अरब सागर में बने इस नए वेदर सिस्टम ने निश्चित रूप से मानसून की शुरुआती उम्मीदों पर थोड़ा पानी फेर दिया है, जिससे दक्षिण भारत में कम बारिश और उत्तर-मध्य भारत में गर्मी का दौर लंबा खिंचने वाला है। किसानों और आम जनता को अगले कुछ दिनों तक मौसम के इन बदलावों पर नजर रखनी होगी और भीषण गर्मी से खुद को सुरक्षित रखना होगा।

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